सेना और प्रदर्शनकारियों के बीच संघर्ष नहीं थम रहा, अबतक 512 लोकतंत्र समर्थकों की मौत

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नई दिल्ली। म्यांमार की हालत बिगड़ती जा रही है। लोकतंत्र समर्थक प्रदर्शनकारियों पर पुलिस दमन के खिलाफ प्रदर्शन कर रहे लोगों ने मंगलवार को सड़कों पर फैले ‘कचरे से हमला’ (Garbage Strike) करना शुरू कर दिया है। प्रदर्शनकारी म्यांमार में सैनिक शासन का विरोध कर रहे हैं। और अब तक हुई हिंसा में पुलिस की गोली से 500 से ज्यादा लोकतंत्र समर्थक प्रदर्शनकारी मारे गए हैं।
म्यामांर के मिज्जिमा न्यूज पोर्टल के मुताबिक सुरक्षा बलों ने कावथुंग शहर के दक्षिणी हिस्से में एक व्यक्ति की गोली मारकर हत्या कर दी। वहीं उत्तरी शहर माईइत्तकिना में एक सुरक्षा बलों ने एक और व्यक्ति को गोली मार दी। 23 वर्षीय व्यक्ति के एक रिश्तेदार ने रॉयटर्स को इस बारे में जानकारी दी।
रॉयटर्स के मुताबिक पुलिस और जुंटा प्रवक्ताओं ने इस बारे में किसी भी सवाल का जवाब नहीं दिया।नोबेल पुरस्कार विजेता आंग सान सू की सरकार का आर्मी द्वारा तख्ता पलट किए जाने के बाद से म्यामांर में हिंसा भड़की हुई है।पिछले एक दशक में लोकतंत्र की ओर छोटे-छोटे कदम बढ़ाए जाने के बाद म्यांमार में एक बार फिर सैन्य शासन लगा दिया गया है।सैन्य शासन के खिलाफ आम लोगों के प्रदर्शन में अब तक 512 नागरिकों की मौत हो गई है। असिस्टेंट एसोशिएसन फॉर पॉलिटिकल एडवोकेसी ग्रुप के मुतााबिक पिछले दो महीने से चल रही हिंसा में शनिवार को 141 लोगों की हत्या कर दी गई,जोकि अब तक के उथल पुथल का सबसे बड़ा खूनी दिन था। महीने म्यांमार की सेना ने असैन्य सरकार का तख्तापलट कर सत्ता पर नियंत्रण कर लिया और आपातकाल लागू कर दिया। नोबेल पुरस्कार से सम्मानित आंग सान सू ची तथा ‘नेशनल लीड फॉर डेमोक्रेसी’ के कई अन्य नेताओं को हिरासत में ले लिया गया।

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