सवाई मानसिंह अस्पताल (एसएमएस) और स्वास्थ्य विभाग में ठेके पर काम करने वाले कर्मचारियों ने विभिन्न मांगों को लेकर मंगलवार को प्रदर्शन कर दो घंटे कार्य बहिष्कार किया

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जयपुर। सवाई मानसिंह अस्पताल (एसएमएस) और स्वास्थ्य विभाग में प्लेसमेंट एजेंसियों के माध्यम से कई सालों से ठेके पर काम कर रहे कर्मचारियों ने विभिन्न मांगों को लेकर मंगलवार को सवाई मानसिंह अस्पताल में प्रदर्शन कर दो घंटे कार्य बहिष्कार किया।
अखिल राजस्थान राज्य कर्मचारी संयुक्त महासंघ (एकीकृत) के प्रदेशाध्यक्ष गजेंद्र सिंह राठौड़ का ने बताया कि सरकार ठेकेदार और प्लेसमेंट एजेंसियों को एक कर्मचारी के लिए 18 हजार रुपये का भुगतान कर रही है, लेकिन कर्मचारी को महज 5-7 हजार रुपये ही मिल पा रहे हैं। सर्विस चार्ज और सर्विस टैक्स के नाम पर भी कटौती की जा रही है, जो न्यायोचित नहीं है।जिसके चलते ठेकेदार, प्लेसमेंट एजेंसी और संविदा के माध्यम से लगे कम्प्यूटर ऑपरेटर, लैब तकनीशियन, वार्ड बॉय, ट्रॉलिमैन, इलेक्ट्रिशियन, टेलीफोन ऑपरेटर, फार्मासिस्ट, हेल्पर, सफाई कर्मचारी, प्रयोगशाला सहायक और ड्राइवर ने अखिल राजस्थान राज्य कर्मचारी संयुक्त महासंघ (एकीकृत) के नेतृत्व में दो घंटे कार्य बहिष्कार कर प्रदर्शन करते हुए उन्होंने सरकार से मांग की है कि इसके लिए सीधी भर्ती निकाल कर उन्हें नियमित नियुक्ति प्रदान की जाए।जिससे उन्हें ठेकेदारों के शोषण से मुक्ति मिल सके।
राठौड ने बताया कि इस मामले में अधिकारियों से हुई वार्ता के बाद ठेकाकर्मियों की उनकी समस्याओं के निस्तारण की उम्मीद बंधी थी। इसलिए उन्होंने लंबे समय तक इंतजार किया, लेकिन अब जब उन्हें स्थायीकरण की कोई उम्मीद नहीं दिख रही तो ठेकाकर्मी आंदोलन पर उतर आए हैं।
मुख्य संघर्ष संयोजक मुकेश बांगड़ ने बताया कि कर्मचारियों ने कोरोना काल में दोगुना काम किया, लेकिन कोई आर्थिक फायदा नहीं हुआ। जब भी वह आवाज उठाते हैं तो ठेकेदार हटाने की धमकी देता है।
स्थायी नियुक्ति की प्रक्रिया पूरी नहीं होती है, तब तक पूरा वेतन सीधे उनके खाते में जमा करवाया
इधर ठेका कर्मचारी मुख्य संघर्ष संयोजक मुकेश बांगड़ और संघर्ष संयोजक नाथूसिंह गुर्जर ने बताया कि जब तक इन कर्मचारियों की स्थायी नियुक्ति की प्रक्रिया पूरी नहीं होती है, तब तक उनका पूरा वेतन सीधे उनके खाते में जमा करवाया जाए। अगर सरकार ने उनकी मांगों नहीं मानी तो 21 जनवरी से सम्पूर्ण कार्य बहिष्कार कर अनिश्चितकालीन आंदोलन शुरू किया जाएगा।

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