शहीदे आजम भगत सिंह की वैचारिक विरासत को कमजोर करेगी नई शिक्षा नीति

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शिक्षा बचाओ आंदोलन राजस्थान

शिक्षा बचाओ आंदोलन साझा मंच के जन विरोधी नई शिक्षा नीति के खिलाफ जारी जनमत अभियान के तहत आज ‘क्रांतिकारी चिंतक शहीदे आजम भगत सिंह की वैचारिक विरासत’ विषय पर वेबिनार आयोजित की। साथ ही भगतसिंह के शिक्षा के बारे में विचारों के परिप्रेक्ष्य में नई शिक्षा नीति 2020 पर भी चर्चा की। वेबिनार में दिल्ली सहित राजस्थान से बड़ी संख्या में विश्वविद्यालय, कॉलेज एवं स्कूल शिक्षा से जुड़े विद्यार्थी,शिक्षकों  एवं नागरिक संगठनों से जुड़े प्रतिभागियों ने शहीदे आज़म भगतसिंह को याद कर परिचर्चा में सक्रिय सहभागिता की।

परिचर्चा में विषय प्रवर्तन करते हुए रूक्टा केंद्रीय कार्यकारिणी सदस्य डॉ.भरत मीणा ने बताया कि शहीद भगतसिंह का सपना समाजवादी समाज के निर्माण का था। ऐसा समाज जिसमें जाति, जेंडर एवं जायदाद आधारित भेदभाव एवं शोषण नहीं हो। लेकिन राजनैतिक आज़ादी के सत्तर साल के बाद भी हम  भगतसिंह के सपनों का समतामूलक समाज का निर्माण नहीं कर सके। लोकतंत्र की आड में सत्ता का चरित्र सामंतवादी और फासीवादी होने के कारण आमजन के मानव अधिकार कुचले जा रहे हैं। केंद्र सरकार द्वारा लोकतंत्र की घोर अनदेखी कर जन विरोधी एवं राज्य सरकार विरोधी नई शिक्षा नीति 2020 को लागू किया जा रहा है।

मजदूर एवं किसान विरोधी कानून बनाए  गए हैं जिससे भारत के लोकतांत्रिक संघीय स्वरूप के सामने खतरा उत्पन्न हो हो है। अत: मौजूदा दौर में हमें भगत सिंह के क्रांतिकारी विचारों और जनवादी संघर्ष से प्रेरणा लेते हुए पीड़ित मानवता के हक में साझा लड़ाई को और मजबूत करना होगा।

मुख्य वक्ता राजकीय महाविद्यालय भीलवाड़ा के प्रोफेसर डॉ पयोद जोशी ने ओनलाईन विचार व्यक्त करते हुए कहा कि भगत सिंह आजादी के बाद धर्मनिर्पेक्ष समाजवादी समाज की रचना करना चाहते थे। लेकिन मौजूदा दौर में सत्ता का धर्म, जाति और पूंजीपतियों के साथ गठजोड़ ने सामाजिक- धार्मिक ध्रुवीकरण करके शोषणकारी व्यवस्था को मजबूत किया है। अत: आज इसके खिलाफ जागरुक होने होने की जरूरत है।

मोतीलाल नेहरू कॉलेज इवनिंग,नई दिल्ली के प्रोफेसर डॉ प्रहलाद बैरवा ने कहा भगत सिंह की विचारधारा और संघर्ष का केंद्रीय केंद्रीय विषय इंसानियत रहा है। वे मनुष्य द्वारा मनुष्य पर होने वाले प्रत्येक प्रकार के शोषण शोषण को खत्म करना चाहते थे।

वेबिनार का आयोजन शिक्षा बचाओ आंदोलन साझा मंच के प्रदेश संयोजक डॉ.रमेश बैरवा, संचालन उपेंद्र शर्मा एवं अध्यक्षता पूर्व आयकर आयुक्त भागचंद मीणा ने की। वेबिनार में राजस्थान शिक्षक संघ शेखावत के प्रदेश अध्यक्ष महावीर सिहाग एवं हेमंत कुमार खराड़ी,  कोटा से अशोक लोदवाल डॉ संजय चावला,डॉ मल्लूराम मीणा एवं डॉ हीमा गुप्ता, राजकीय महाविद्यालय बारां से डॉ भगतसिंह, डॉ रतिराम जाटव एवं सतीश गौतम, राजकीय कला कॉलेज से डॉ सुंदर बसवाल, डॉ शिवचरण चैडवाल, डॉ अशोक खटीक एवं डॉ ओम प्रकाश यादव, राजकीय विधि कॉलेज अलवर से डॉ संजय रॉयपुरिया, धोलपुर से नर्सिंग टीचर्स एसोसिएशन के प्रदेश अध्यक्ष पुरुषोत्तम कुंभज, डॉ नीलम शर्मा एवं विष्णु कुमार,गंगापुर सिटी से गोपाल बैरवा,ब्रह्मानंद एवं अजय कुमार,दौसा से डॉ सुमेरसिंह, रमेश चंद,सीताराम, गिरधारीलाल मीणा, रईसा,जनित कुमार, कैलाश चंद मीणा सहित बड़ी संख्या में सहभागिता की।

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