राष्ट्रीय सीरो सर्वे में 2 तिहाई लोगों में पाई गई एंटीबॉडी, लेकिन अभी भी 40 करोड़ आबादी पर कोरोना का खतरा बरकरार

Facebook
Google+
https://newsquesindia.com/%E0%A4%B0%E0%A4%BE%E0%A4%B7%E0%A5%8D%E0%A4%9F%E0%A5%8D%E0%A4%B0%E0%A5%80%E0%A4%AF-%E0%A4%B8%E0%A5%80%E0%A4%B0%E0%A5%8B-%E0%A4%B8%E0%A4%B0%E0%A5%8D%E0%A4%B5%E0%A5%87-%E0%A4%AE%E0%A5%87%E0%A4%82-2">
Twitter
YOUTUBE
PINTEREST
LinkedIn
INSTAGRAM
SOCIALICON

नई दिल्ली। केन्द्रीय स्वास्थ्य मंत्रालय की तरफ से मंगलवार को आयोजित नियमित प्रेस ब्रीफिंग के दौरान सीरो सर्वे का आंकड़ा पेश किया गया। इसके मुताबिक,देश में 67-6 फीसदी लोगों में सिरो प्रिविलेन्स पाया गया है यानी दो तिहाई लोगों में एंटीबॉडी मिला है। आईसीएमआर की डीजी बलराम भार्गव ने कहा कि 40 करोड़ जनसंख्या पर अभी भी कोविड-19 का खतरा मंडरा रहा है।
सबसे खास बात ये है कि 85 फीसदी हेल्थ वर्कर्स को कोविड हो चुका है। ऐसे में स्वास्थ्य मंत्रालय की तरफ से यह कहा गया है कि वे अभी भी कोविड उपयुक्त व्यवहार को अपनाएं और बिना जरूरी यात्रा करने से बचें। सीरो सर्वे 21 राज्यों के 70 जिलों में 28 हजार 975 लोगों पर किया गया। इसमें हर जिले में 10 गांव या वॉर्ड में सीरो सर्वे किया गया।
आईसीएमआर के डीजी बलराम भार्गव ने कहा कि बच्चे बड़े लोगों की तुलना में संक्रमण को ज्यादा अच्छी तरह से झेल सकते हैं। 6-9 साल के बच्चों में एंटीबॉडी एडल्ट के बराबर है। खासकर यंग चिल्ड्रेन में एंटीबॉडी एक्सपोजर एडल्ट की तरह ही देखा गया है। कुछ देशों में प्राथमिक विद्यालयों को कभी नहीं बंद किया गया। ऐसे में यदि स्कूल खोलना है तो प्राथमिक विद्यालयों को पहले खोला जाना चाहिए। उन्होंने आगे कहा कि प्राथमिक के बाद सेकेंडरी स्कूल खोला जाना चाहिए। लेकिन सभी सपोर्ट स्टाफ को वैक्सीनेटेड होना जरूरी है।

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *