राज्य सरकार ने जारी किए निर्देश, कोविड-19 से सर्तक रहें, जनहानि को हर संभव तरीके से रोकें

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by Arvind Jangid....दौसा। कोरोना पाॅजिटिव केसों की लगातार बढती संख्या को रोकने के लिए राज्य सरकार ने और अधिक सर्तक रहने के निर्देश जारी किए हैं। इस संबंध में मुख्य सचिव राजीव स्वरूप और चिकित्सा एवं स्वास्थ्य विभाग के प्रमुख शासन सचिव अखिल अरोडा ने भी गाइड लाइन जारी कर दी है। इधर जिला स्तर पर निर्देश प्राप्त होने के बाद मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी डाॅ पीएम वर्मा ने तुरंत निर्देशानुसार कार्यवाही आरंभ कर दी।

मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी डाॅ. पीएम वर्मा ने बताया कि कोविड-19 से जनहानि को रोकने के लिए हर संभव प्रयास करने के निर्देश जारी किए गए हैं। निर्देशों में कहा गया है कि प्रत्येक जिले में कोरोना विस्तार पैटर्न अलग-अलग होता है इसलिए दौसा जिले में इसके विस्तार पैटर्न को देखते हुए रूपरेखा तैयार की जाएगी। इसके लिए हर स्तर पर विस्तर पैटर्न की समीक्षा की जा रही है। शहरी वार्ड और ग्रामीण ब्लाॅकों में कोविड केयर गु्रप्स को एक्टिव किया जा रहा है।

जिले में पहले से ही 289 टीमें सक्रिय हैं और संभावित दुष्परिणामों को रोकने के लिए आईएलआई प्रकरणों की शत- प्रतिशत जांच सुनिश्चित की जा रही है। इसके अलावा असिम्टोमैटिक मरीजों की भी कडी निगरानी की जा रही हैं। सभी एक्टिव और पाॅजिटिव केसों का पुर्नमूल्यांकन करते हुए सर्वीलांस को सुदृढ करने के साथ ही समस्त हाॅट स्पाॅट के समस्त संभावितों की जांच भी सुनिश्चित की जा रही है। ताकि कोरोना संक्रमण की चैन को तोडा जा सके। जिले में सेंपल्स की पेंडेंसी को समय बद्ध तरीके से खत्म करने के प्रयास किए जा रहे हैं।

ऎसे एरिया जहां कोरोना संक्रमण के कम केस हैं, वहां रेंडम सेंपलिंग करवाई जाएगी। इसके लिए मिशन लासा के तहत कंटेंटमेंट जोन में गर्भवती महिलाओं, 10 साल तक के बच्चों, और गंभीर बीमारी से ग्रसित लोगों की विशेष रूप से स्क्रीिंनग की जाएगी।

यह भी कहा गया है कि क्वारेंटाईन संस्थानों पर उपलब्ध सुविधाओं को सुनिश्चित करें ताकि क्वारेंटाईन किए गए लोगों को कोई परेशानी नहीं हो। यह भी ध्यान रखें कि जिन्हें होम क्वारेंटाईन किया गया है उनका घर वे सभी मापदंड पूरे करता है कि नहीं जो कि क्वारेंटाईन के लिए जरूरी हैं। अगर ऎसा नहीं है तो उन्हें संस्थागत क्वारेंटाईन करें। ऎसे लोगों की निरंतर काउंसिलिंग की जरूरत भी है ताकि उन्हें मानसिक और शारीरिक तौर पर दुरूस्त रखा जा सके। डाॅ. वर्मा ने बताया कि इसके लिए सभी ब्लाॅक स्तरीय अधिकारियों को निर्देशित कर दिया गया है।

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