पुष्कर सिंह धामी उत्तराखंड के 11 वें सीएम होंगे, रविवार को होगा शपथग्रहण समारोह

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नई दिल्ली। उत्तराखंड में सियासी उठापठक के बीच आखिरकार नए मुख्यमंत्री का नाम फाइनल हो गया है। पुष्कर सिंह धामी उत्तराखंड के नए मुख्यमंत्री होंगे। देहरादून में हुई बीजेपी विधायक दल की बैठक में धामी के नाम पर मुहर लगाई गई है। मुख्यमंत्री का नाम फाइनल होने के बाद पुष्कर सिंह धामी राजभवन पहुंचे और उत्तराखंड की राज्यपाल बेबी रानी मौर्य के सामने सरकार बनाने का दावा पेश कर दिया है। इस दौरान उनके साथ कई विधायक भी मौजूद रहे।पुष्कर सिंह धामी कल शाम 6 बजे राजभवन में उत्तराखंड के मुख्यमंत्री पद की शपथ लेंगे। उनके साथ उत्तराखंड के नवनियुक्त कैबिनेट मंत्री भी शपथ लेंगे।
उत्तराखंड में अगले साल होने वाले विधानसभा चुनाव से पहले एक बार फिर सीएम का चेहरा बदल दिया गया है। बीते साढ़ें चार साल में बीजेपी ने तीसरी बार सीएम का चेहरा बदला है। पुष्कर सिंह धामी उत्तराखंड के 11वें मुख्यमंत्री होंगे और कल उनका उनका शपथग्रहण समारोह होगा। धामी को विधायक दल का नेता चुना गया है और वो खटीमा विधानसभा से 2 बार विधायक रह चुके हैं। तीरथ सिंह रावत ने पुष्कर सिंह धामी के नाम का प्रस्ताव रखा था।
पुष्कर सिंह धामी का जन्म पिथौरागढ़ के टुंडी गांव में हुआ था। बीजेपी युवा मोर्चा के प्रदेश अध्यक्ष रहे हैं। कॉलेज के दिनों में ही ABVP से जुड़े। पुष्कर सिंह धामी विधायक से सीधे मुख्यमंत्री तक की कुर्सी का सफर तय करेंगे। शांत स्वभाव के धामी भगत सिंह कोश्यारी के करीबी माने जाते हैं। और रजानाथ सिंह से भी उनके अच्छे संबंध हैं। धामी भाजयुमो के प्रदेश अध्यक्ष समेत पार्टी में अन्य पदों पर कार्य कर चुके हैं और युवाओं में उनकी बेहतर पकड़ है।
उत्तराखंड भाजपा विधायक दल का नेता चुने जाने के बाद पुष्कर सिंह धामी ने कहा कि मेरी पार्टी ने एक सामान्य से कार्यकर्ता को सेवा का अवसर दिया है। जनता के मुद्दों पर हम सबका सहयोग लेकर काम करेंगे। साल 2022 में होने वाले विधानसभा चुनावों के बारे में पूछे जाने पर पुष्कर सिंह धामी ने कहा कि सभी के सहयोग से वो न केवल हर चुनौती को पार करेंगे बल्कि अपने पूर्ववर्तियों द्वारा किए गए कार्यों को आगे बढाएंगे। उन्होंने कहा कि उनकी प्राथमिकता जनता की सेवा है जिसके लिए वो पूरे मन से काम करेंगे।
सीएम पद मिलने पर पुष्कर सिंह धामी ने कहा कि ने कहा, मैं पीएम नरेंद्र मोदी,गृह मंत्री अमित शाह,पार्टी अध्यक्ष जेपी नड्डा और सभी का धन्यवाद करना चाहूंगा। पार्टी को चुनाव में जिताने के सवाल पर उन्होंने कहा कि चुनौती हैं और चुनौती को स्वीकार करता हूं।
पुष्कर सिंह धामी उत्तराखंड के के ऐसे मुख्यमंत्री होंगे जो कभी मंत्री नहीं बने हैं। धामी विधायक से सीधे मुख्यमंत्री तक की कुर्सी का सफर तय करेंगे। शांत स्वभाव के धामी भगत सिंह कोश्यारी के करीबी माने जाते हैं और रक्षामंत्री रजानाथ सिंह से भी उनके अच्छे संबंध हैं। युवाओं में उनकी बेहतर पकड़ है।
पुष्कर सिंह धामी के मुख्यमंत्री बनने से उनके घर पर समर्थकों का जमावड़ा लग गया है। धामी की पत्नी गीता देवी का कहना है उनके पति के मुख्यमंत्री बनने से पूरा खटीमा क्षेत्र गौरवान्वित हुआ है,साथ ही उन्हें अपने पति पर पूरा भरोसा है कि वो 6 महीने के इस कार्यकाल में ऐसा कार्य करेंगे जिससे खटीमा के साथ-साथ उत्तराखंड का भी नाम रोशन होगा।
पुष्कर सिंह धामी की पत्नी गीता देवी ने कहा कि मैं पार्टी आलाकमान,पीएम मोदी,अमित शाह,राजनाथ सिंह,जेपी नड्डा और खटीमा निर्वाचन क्षेत्र के लोगों को धन्यवाद देना चाहती हूं। वो एक मध्यम वर्गीय परिवार से आते हैं और लोगों की समस्याओं से अवगत हैं।
राज्य के नए मुख्यमंत्री बने पुष्कर सिंह धामी की मां बिशना देवी अपने बेटे के मुख्यमंत्री बनने से बेहद खुश हैं। वहीं, मीडिया से वार्ता में उन्होंने कहा कि उनका जो सपना था वो आज पूरा हुआ है। पुष्कर सिंह धामी की मां अस मौके पर भावुक हो गई। उन्होंने कहा कि पति का एक वर्ष पूर्व देहांत हुआ था उनका भी सपना था कि बेटा एक दिन राज्य का मुख्यमंत्री बने। ये सपना उनकी मृत्यु के बाद पूरा हुआ है।
गौरतलब है कि,शुक्रवार देर रात तीरथ सिंह रावत ने राज्यपाल बेबी रानी मौर्य को अपना इस्तीफा सौंप दिया था। उन्होंने इससे पहले बीजेपी अध्यक्ष जेपी नड्डा को एक पत्र लिखकर अपने इस्तीफे की पेशकश की थी। उन्होंने संवैधानिक बाध्यता का हवाला देते हुए सीएम पद से इस्तीफा देने की बात कही।
उत्तराखंड में सियासी उठापटक के बीच पूर्व मुख्यमंत्री त्रिवेंद्र सिंह रावत के कार्यालय में जश्न का माहौल रहा। त्रिवेंद्र रावत के समर्थकों ने उन्हें मिठाई खिलाकर जश्न मनाया है। उनके कार्यालय में भी मिठाइयां बांटी गईं। त्रिवेंद्र सिंह रावत ने कहा कि तीरथ सिंह रावत को संवैधानिक संकट की वजह से इस्तीफा देना पड़ा। पूर्व सीएम ने कहा कि जो परिस्थिति है उसमें यही मुमकिन है। अन्यथा चुनाव में जाएं।

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