पतंगबाजी से राजधानी जयपुर में 4200 पक्षी घायल हुए, और 200 की मौत

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नई दिल्ली। प्रदेश पतंगबाजी के कारण हजारों पक्षी घायल (Birds injured) हो गए। राजधानी जयपुर में अलग अलग क्षेत्रों में लगाये गए बर्ड ट्रीटमेंट कैंप (Bird treatment camp) में लगभग चार हजार दो सौ पक्षी (Four Thousand and two hundred Birds) पहुंचे,जिनमें से दो हजार के करीब पक्षी इलाज के दौरान अपनी जान गंवा दी। इस साल पहली बार झालावाड़ में पक्षियों को बचाने के लिए बर्ड ट्रीटमेंट कैंप लगाया गया। इस कैंप के साथ ही कंजरवेशनिस्ट अनिल रोजर ने रैली निकाल कर लोगों को जागरुक किया। राजधानी जयपुर के वैशाली नगर में मंत्री लालचंद कटारिया ने शिकरत की और ट्रीमेंट कैंप में घायल पक्षियों के इलाज का जायजा़ लिया।
राजधानी जयपुर में अबकी बार करीब 60 बर्ड ट्रीटमेंट कैंप लगाये गए हैं। इन कैंप में घायल पक्षियों में सबसे ज्यादा कबूतर थे। इनके साथ ही,तोते,फाख्ता,गौरया,चील, मोर,उल्लू,हवासील जैसे पक्षी भी मांझे का शिकार होकर इलाज के लिए ट्रीमेंट कैंप पहुंचाए गए।
18 जनवरी तक लगाए गए हैं बर्ड ट्रीटमेंट कैंप
राजधानी जयपुर में पिछले एक सप्ताह से पक्षियों के घायल होने का सिलसिला जारी है।इसलिए 18 जनवरी तक ये कैंप लगातार लगाये जाएंगे। उसके बाद इस साल पतंगबाजी में घायल होकर इलाज के लिए पहुंचे पक्षियों की कुल तादाद के बारे में पता लग पाएगा।

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