नरेंद्र मोदी को राष्ट्रपति ने नवनिर्वाचित प्रधान-मंत्री नियुक्त किया

नई दिल्ली। राष्ट्रपति रामनाथ कोविंद ने नरेंद्र मोदी को नवनिर्वाचित प्रधानमंत्री नियुक्त किया है। राष्ट्रपति पीएम मोदी को केंद्र में अगली सरकार गठित करने के लिए आमंत्रित किया है। इसके एक दिन पहले मोदी ने अपने मंत्रिमंडल का इस्तीफा दे दिया था।राष्ट्रपति ने संविधान के अनुच्छेद 75(1) के तहत प्रदत्त अधिकारों का इस्तेमाल करते हुए नरेंद्र मोदी को भारत का प्रधानमंत्री नियुक्त किया है।
राष्ट्रपति ने नरेंद्र मोदी से मंत्रिमंडल के अन्य सदस्यों के नामों के बारे में और राष्ट्रपति भवन में शपथ ग्रहण समारोह की तिथि और समय के बारे में सूचित करने को भी कहा है। पीएम मोदी ने बीजेपी संसदीय दल के नेता के रूप में शनिवार शाम राष्ट्रपति भवन जाकर राष्ट्रपति से मुलाकात की और राष्ट्रपति ने उन्हें सरकार गठन के लिए औपचारिक रूप से आमंत्रित किया।
पीएम मोदी के साथ राष्ट्रपति भवन गए एनडीए के एक प्रतिनिधिमंडल में बीजेपी अध्यक्ष अमित शाह, वरिष्ठ बीजेपी नेता राजनाथ सिंह, सुषमा स्वराज और नितिन गडकरी, अकाली दल के प्रकाश सिंह बादल, जनता दल युनाईटेड के अध्यक्ष नीतीश कुमार, लोक जनशक्ति पार्टी के अध्यक्ष रामविलास पासवान, शिवसेना अध्यक्ष उद्धव ठाकरे, एआईएडीएमके के के. पलनीस्वामी, एनपीपी के कोनराड संगमा और एनडीपीपी के नेफियू रियो भी शामिल थे।
संसद के सेंट्रल हॉल में सांसदों को संबोधित करते हुए पीएम मोदी ने कहा आज एनडीए के सभी वरिष्ठ साथियों से मुझे आशीर्वाद मिला है।आप सबने मुझे नेता के रूप में चुना है।मैं इसे व्यवस्था का हिस्सा मानता हूं। मैं भी आपमें से एक हूं। आपके बराबर हूं। हमें कंधे से कंधा मिलाकर चलना होगा।
पीएम मोदी ने कहा, 2014 से 2019 तक हमने गरीबों के लिए सरकार चलाई और आज मैं बड़े संतोष के साथ कह रहा हूं कि ये सरकार देश के गरीबों ने बनाई है। 2014 में मैंने कहा था कि मेरी सरकार देश के दलितों, गरीबों, पीड़ितों, वंचितों, आदिवासियों को समर्पित है।मैं कहना चाहता हूं कि 5 साल में हमने उस बात से अपने को ओझल नहीं होने दिया।
मोदी ने आगे कहा, संविधान को साक्षी मानकर हम संकल्प लें कि देश के सभी वर्गों को नई ऊंचाइयों पर ले जाना है। पंथ-जाति के आधार पर कोई भेदभाव नहीं होना चाहिए।हम सबको मिलकर 21वीं सदी में हिंदुस्तान को ऊंचाइयों पर ले जाना है।सबका साथ, सबका विकास और अब सबका विश्वास ये हमारा मंत्र है।
उन्होंने कहा आचार्य विनोबा जी भावे कहते थे कि चुनाव बांट देता है।दूरियां पैदा करता है, दीवार बना देता है, खाई पैदा कर देता है। लेकिन 2019 के चुनाव ने दीवारों को तोड़ने का काम किया है। इस चुनाव ने दिलों को जोड़ने का काम किया है।

Author: NewsQues Team

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