दिल्ली यूनिवर्सिटी की ईसी मीटिंग में रोस्टर और आरक्षण लागू कर एक महीने के अंदर पदों को भरने के दिशा निर्देश स्वीकार किया

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दिल्ली विश्वविद्यालय की सर्वोच्च संस्था कार्यकारी परिषद (ईसी ) की शनिवार को हुई मीटिंग में मानव संसाधन विकास मंत्रालय, उच्च शिक्षा विभाग द्वारा जारी सर्कुलर को स्वीकारते हुए शिक्षकों की सीधी भर्ती के अंतर्गत आरक्षण को लागू करते हुए रोस्टर प्रणाली को सही करके नियुक्ति प्रक्रिया 1 महीने के भीतर आरम्भ किए जाने के स्पष्ट दिशा निर्देशो को पारित किया है।

ईसी की मीटिंग में यह निर्णय लिया गया है कि दिल्ली विश्वविद्यालय में खाली पड़े रिक्त पदों को जल्द से जल्द भरे जाने हेतु एमएचआरडी ने तत्परता दिखाते हुए जो सर्कुलर जारी किया है और लंबे समय से लंबित शिक्षकों के पदों पर स्थायी नियुक्ति के लिए रोस्टर को उचित प्रावधानों के अंतर्गत निर्मित करके नियुक्ति की प्रक्रिया एक महीने के अंदर आरम्भ करने के लिए स्पष्ट दिशा निर्देश पारित किए हैं।सर्कुलर में कहा गया है कि बिना किसी देरी के नियुक्ति की प्रक्रिया शुरू करे।

दिल्ली यूनिवर्सिटी एससी, एसटी ओबीसी टीचर्स फोरम के महासचिव व विद्वत परिषद के पूर्व सदस्य प्रोफेसर हंसराज ‘सुमन’ ने बताया है कि एमएचआरडी के संयुक्त सचिव गिरीश सी होशूर ने कुलपति को सर्कुलर जारी कर केंद्रीय शैक्षिक संस्थानों में शिक्षक वर्ग के आरक्षण हेतु 9 जुलाई,2019 के अधिनियम को अधिसूचित किया गया है जिसके अंतर्गत अनुसूचित जाति/अनुसूचित जनजाति तथा सामाजिक व शैक्षणिक रूप से पिछड़े वर्गों तथा आर्थिक रूप से कमजोर तबके को केंद्रीय शैक्षणिक संस्थानों में आरक्षण की व्यवस्था की गई है जो कि इस अधिनियम के सेक्शन (2 सी ) में उल्लेखित है।इस संबंध में एमएचआरडी ने 12 जुलाई,2019 को भी अधिसूचित किया है जो कि 7 मार्च 2019 से लागू किया गया। इस संदर्भ में आरक्षण संबंधी दिशा निर्देश डीओपीटी को 31 जनवरी 2019 को दिए गए ताकि उनके अनुसार रोस्टर बनाया जा सके।

प्रोफेसर सुमन का कहना है कि एमएचआरडी सर्कुलर में स्पष्ट किया गया है कि सीधी भर्ती के आरक्षित शिक्षक वर्ग के स्वीकृत पदों के अनुसार किया जाना है चाहे वह कोई भी विभाग या विषय की शाखा हो जिसमें केंद्रीय शैक्षणिक संस्थान को एक यूनिट (इकाई ) माना जायेगा।उसमें आगे लिखा है उपरोक्त निर्देशों के अंतर्गत त्वरित कार्यवाही की जाए और इन दिशा निर्देशों एवं प्रावधानों के अनुसार ही रोस्टर का निर्माण करके एक महीने के भीतर पदों की नियुक्ति की प्रक्रिया आरम्भ कर दी जाए।

प्रोफेसर सुमन ने चिंता जाहिर करते हुए कहा है कि एमएचआरडी द्वारा जारी आरक्षण संबंधी सर्कुलर को 5 महीने बीतने के बाद हो जिसे शनिवार को ईसी की मीटिंग में पास किया गया।उनका कहना है कि शिक्षकों की नियुक्ति ना करने से उच्च शिक्षण संस्थानों में उच्च शिक्षा की गुणवत्ता में बाधा उत्पन्न हो रही है ,आए दिन विश्वविद्यालयों में तरह-तरह के नियमों का हवाला देते हुए नियुक्ति की प्रक्रिया को बाधित किया जाता रहा है और नियमों की अनदेखी के चलते शैक्षणिक वातावरण खराब हुआ है।उनका कहना है कि एमएचआरडी के स्पष्ट दिशा निर्देश उल्लेख करते हैं कि सीधी भर्ती की प्रक्रिया को एक महीने के भीतर आरम्भ करके उच्च शिक्षा की गुणवत्ता के मानक को बनाए रखने का विश्वविद्यालय के अधिकारी आश्वासन दे।

उनका कहना है कि यदि एमएचआरडी द्वारा जारी सर्कुलर को विश्वविद्यालय प्रशासन लागू कर नियुक्ति प्रक्रिया शुरू होती है तो लंबे समय से स्थायी नियुक्तियां ना होने से शिक्षकों में तनाव और आशंका पैदा हो रही है कि कब स्थायी होंगे ?इसलिए नियुक्ति शुरू होती है तो स्वागत किया जाएगा।

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