डीयू में प्रमोशन और परमानेंट अपॉइंटमेंट ना होने से छोड़कर जा रहे हैं कर्मचारी,कुछ हो रहे हैं सेवानिवृत्त

Facebook
Google+
https://newsquesindia.com/%E0%A4%A1%E0%A5%80%E0%A4%AF%E0%A5%82-%E0%A4%AE%E0%A5%87%E0%A4%82-%E0%A4%AA%E0%A5%8D%E0%A4%B0%E0%A4%AE%E0%A5%8B%E0%A4%B6%E0%A4%A8-%E0%A4%94%E0%A4%B0-%E0%A4%AA%E0%A4%B0%E0%A4%AE%E0%A4%BE%E0%A4%A8">
Twitter
YOUTUBE
PINTEREST
LinkedIn
INSTAGRAM
SOCIALICON

दिल्ली यूनिवर्सिटी में शैक्षिक पदों में लगभग 5000 पद विभिन्न कॉलेजों में पिछले दस सालों से खाली पड़े हैं वहीं दूसरी ओर गैर शैक्षिक पदों में हजारों पदों पर नियुक्तियां होनी है ।हर महीने कर्मचारी सेवानिवृत्त हो रहे हैं लेकिन उनकी जगहों पर कर्मचारियों की भर्ती नहीं की जा रही है।ओबीसी कोटे के छात्रों के बढ़ने और अब ईडब्ल्यूएस के कारण छात्रों की संख्या में काफी इजाफा हुआ है मगर नए कर्मचारियों की नियुक्ति ना होने से सारी व्यवस्था चरमरा रही है। परीक्षा व डिग्री विभाग में कर्मचारियों की कमी है। इतना ही नहीं विश्वविद्यालय में कुलपति के बाद रजिस्ट्रार ( कुलसचिव ) का पद अहम माना जाता है वह भी फरवरी 2020 से खाली पड़ा हुआ है।इस पद को भरने के लिए विज्ञापन दिया जा चुका है, इंटरव्यू की तिथि घोषित हो गई थी लेकिन बाद में कैंसिल कर दिया गया।

दिल्ली विश्वविद्यालय में इस वर्ष दिसंबर तक बहुत से कर्मचारी व गैर शैक्षिक पदों में उच्च पदों पर कार्य कर रहे असिस्टेंट रजिस्ट्रार, ज्वाइंट रजिस्ट्रार रिटायर हो जाएंगे।नई नियुक्तियां ना होने से गैर शैक्षिक पदों में इजाफा हो रहा है।जहां इन पदों में सहायक कुलसचिव(असिस्टेंट रजिस्ट्रार),उप कुलसचिव (डिप्टी रजिस्ट्रार)और संयुक्त कुलसचिव (ज्वाइंट रजिस्ट्रार)पदों पर काफी अरसे से पदोन्नति ना होने से कुछ लोग या तो यूनिवर्सिटी को छोड़कर जा रहे हैं या बिना पदोन्नति के ही सेवानिवृत्त हो रहे हैं,जिनकी पदोन्नति नहीं हो रही है वे इस तनाव में जी रहे हैं कि आखिर कब हमारी पदोन्नति होगी ?पदोन्नति की इस आस में लोग छुट्टी लेकर दूसरी जगह ज्वाइन कर रहे हैं।

आम आदमी पार्टी के शिक्षक संगठन दिल्ली टीचर्स एसोसिएशन के प्रभारी व दिल्ली यूनिवर्सिटी की एकेडेमिक कांउन्सिल के पूर्व मेंबर प्रोफेसर हंसराज ‘सुमन ‘ने बताया है कि दिल्ली यूनिवर्सिटी के विभागों में लगभग एक दर्जन सहायक कुलसचिव (असिस्टेंट रजिस्ट्रार)के आंतरिक कोटे के अंतर्गत(इन्टर्नल कोटा) पद खाली पड़े हुए हैं।इन पदों पर 2014 के बाद से कोई टेस्ट नहीं हुआ है।जबकि इन्टर्नल एलिजिबल केंडिडेट यूनिवर्सिटी के पास उपलब्ध है जो पूर्ण योग्यता रखते हैं लेकिन पिछले छह साल से इन पदों को भरने में यूनिवर्सिटी कोई गम्भीरता नहीं दिखा रही है।जबकि उसके बाद से कुछ तो रिटायर हो गए।

प्रोफेसर सुमन ने आगे बताया है कि इसी तरह से डिप्टी रजिस्ट्रार और ज्वाइंट रजिस्ट्रार के 9 पद भी अरसे से खाली है। इसमें 1असिस्टेंट रजिस्ट्रार डेपुटेशन पर और 1 लीयेन पर दूसरी जगह चले गए, बाकि 1 रिजाइन(छोड़कर)कर गए ,1 सेवानिवृत्त हो गए।बाकि पदोन्नति ना होने के कारण दूसरी यूनिवर्सिटीज में जा रहे हैं,जहां उन्हें बड़ी पोस्ट मिल रही हैं।साथ ही वहां बड़े पदों पर तथा काम करने का अवसर मिल रहा है।इनमें डॉ. ज्वाला प्रसाद असिस्टेंट रजिस्ट्रार डेपुटेशन पर और श्री विकास गुप्ता ,ज्वाइंट रजिस्ट्रार डेपुटेशन पर है।बाकी सभी वापस आ गए उनमें से कुछ तो सेवानिवृत्त हो चुके हैं।इनमें बहुत से ऐसे है जो अपनी प्रमोशन के इंतजार में है ,यदि प्रमोशन नहीं होती है तो बहुत से जाने के लिए तैयार है मगर विश्वविद्यालय प्रशासन इन्हें जाने की अनुमति नहीं देता क्योंकि पहले ही इनकी संख्या कम है।

प्रोफेसर सुमन ने बताया है कि दिल्ली यूनिवर्सिटी ने वर्ष–2016–17 में यूजीसी को भेजे गए शैक्षिक व गैर शैक्षिक पदों के आंकड़ों के अनुसार –ग्रुप–ए–स्वीकृत पद–205 ,भरे गए–99 ,रिक्त पद–106, सामान्य वर्ग–72 ,ओबीसी–07 ,एससी–16, एसटी–04, कुल–99
ग्रुप–बी–स्वीकृत पद–590 ,भरे गए–362 ,रिक्त पद–228 ,सामान्य वर्ग–289 ,ओबीसी–03, एससी–51,एसटी–19,कुल–362
ग्रुप सी और डी–स्वीकृत पद—2485 ,भरे गए–1051 ,रिक्त पद–1434 ,सामान्य वर्ग–677 ,ओबीसी–128 ,एससी–227 ,एसटी–19, कुल–1051 बनते हैं।

प्रोफेसर सुमन ने बताया है कि इस तरह से दिल्ली यूनिवर्सिटी के विभिन्न विभागों में स्वीकृत पद–3280 पद है जिसमें 1512 पद भरे गए हैं। इसमें खाली–1768 पदों पर नियुक्तियां नहीं हुई है जिसमें सामान्य वर्गो की–1038,ओबीसी—138,एससी–294 ,एसटी–42 पदों पर पिछले 10 वर्षों से पदों को नहीं भरा गया है।हालांकि पिछले दिनों कुछ पदों पर प्रमोशन हुआ है लेकिन अभी भी विभागों में कर्मचारियों के पद खाली पड़े हुए जो लंबे समय से अनुबंध के आधार पर लगे हुए हैं।

प्रोफेसर सुमन ने यह भी बताया है कि दिल्ली यूनिवर्सिटी के विभिन्न विभागों में पिछले दस साल से अनुकंपा के आधार पर कार्य कर रहे हैं उनके विषय में आज तक यूनिवर्सिटी प्रशासन ने कभी नहीं सोचा।इनमें कुछ लोग तो ऐसे है जो अपनी आयु सीमा पार कर चुके हैं, यदि दिल्ली यूनिवर्सिटी उन्हें अपने यहां परमानेंट नहीं करता है तो वे कहां जाएंगे, कोई नीति इनके लिए तैयार नहीं की गई ।बहुत से कर्मचारियों का कहना है कि यदि विश्वविद्यालय परीक्षा लेता है तो वे उसे कैसे पास करेंगे क्योंकि पहले यह योजना नहीं थीं।

प्रोफेसर सुमन का कहना है कि इसी तरह से दिल्ली यूनिवर्सिटी से संबद्ध कॉलेजों में नॉन टीचिंग के हजारों पद लंबे अरसे से खाली पड़े हुए हैं ।कॉलेजों की हालात तो और खराब है जहां पर बीस-बीस सालों से कांट्रेक्चुअल पर काम कर रहे हैं। कॉलेजों ने कॉन्ट्रक्टर को ठेका दिया हुआ है ,कॉन्ट्रक्टर इन्हें अपने हिसाब से छुट्टी व वेतन देते हैं।इनमें बहुत से कर्मचारियों की आयु सीमा पार हो चुकी है वे कहीं भी अब जा नहीं सकते ।यूजीसी और दिल्ली विश्वविद्यालय प्रशासन कोई ऐसा तरीका अपनाएं कि इन्हें एक बार में सभी को परमानेंट किया जा सके।

उन्होंने बताया है कि जब भी एकेडेमिक कांउन्सिल की मीटिंग होगी उसमें डीयू के नॉन टीचिंग पदों को जल्द से जल्द भरने की मांग करने के लिए सदस्यों से अपील करेंगे।दिल्ली विश्वविद्यालय में असिस्टेंट रजिस्ट्रार, जॉइंट रजिस्ट्रार, डिप्टी रजिस्ट्रार के अलावा अन्य पदों पर तुरंत नियुक्तियों का प्रॉसेस शुरू हो , इन्टर्नल केंडिडेट की फाइल मंगवाकर कार्य शुरू किया जाए ,यूनिवर्सिटी प्रशासन द्वारा जो टेस्ट लिए जाने है उनकी शुरुआत हो ताकि दिल्ली विश्वविद्यालय को छोड़कर दूसरी यूनिवर्सिटी में ना जा सके।यदि उन्हें अपने विश्वविद्यालय में ही मौका मिलेगा तो वे क्यों जाएंगे ? ,वे इसलिए जा रहे हैं कि यहां पर लंबे समय से किसी तरह की पदोन्नति नहीं हुई है, बिना पदोन्नति के ही नॉन टीचिंग के कर्मचारी रिटायर हो रहे हैं।

– हंसराज सुमन
(प्रभारी – दिल्ली टीचर्स एसोसिएशन ,आम आदमी पार्टी ,शिक्षक संगठन,
पूर्व मेंबर-दिल्ली यूनिवर्सिटी–एकेडेमिक कांउन्सिल)

NewsQues India is Bilingual Indian daily e- Magazine. It is published in New Delhi by NewsQues India Group. The tagline of NewsQues India is " Read News, Ask Questions".

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *