जम्मू कश्मीर में बैठक के बाद पी एम मोदी ने कहा परिसीमन होते ही जल्द चुनाव कराएंगे

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नई दिल्ली। जम्मू कश्मीर के नेताओं के साथ गुरुवार को सर्वदलीय बैठक के बाद प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने इसे विकास के प्रयास की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम करार दिया। प्रधानमंत्री मोदी ने ट्वीट करते हुए कहा कि आज जम्मू कश्मीर के नेताओं के साथ बैठक एक विकसित और प्रगतिशील जम्मू कश्मीर की दिशा में चल रह प्रयासों में एक महत्वपूर्ण कदम है।
पीएम मोदी ने कहा कि जम्मू-कश्मीर में परिसीमन की प्रक्रिया तेज गति से पूरी होनी है ताकि वहां विधानसभा चुनाव कराए जा सकें और एक निर्वाचित सरकार का गठन हो सके जो प्रदेश के विकास को मजबूती दे। जम्मू-कश्मीर के नेताओं के साथ सर्वदलीय बैठक के बाद प्रधानमंत्री ने सिलसिलेवार ट्वीट कर यह भी कहा कि सरकार की प्राथमिकता केंद्रशासित प्रदेश में जमीनी स्तर पर लोकतंत्र को मजबूत करना है।
प्रधानमंत्री मोदी ने कहा कि हमारी प्राथमिकता जम्मू कश्मीर में जमीनी लोकतंत्र को और मजबूत करना है। परिसीमन तेज गति से होना चाहिए ताकि चुनाव हो सकें और जम्मू-कश्मीर को एक चुनी हुई सरकार मिले जो जम्मू-कश्मीर के विकास पथ को ताकत देती है।
प्रधानमंत्री ने एक अन्य ट्वीट में कहा कि हमारे लोकतंत्र की सबसे बड़ी ताकत एक मेज पर बैठकर अपने विचारों का आदान-प्रदान करने की क्षमता है। मैंने जम्मू-कश्मीर के नेताओं से कहा कि जम्मू-कश्मीर को राजनीतिक नेतृत्व प्रदान करने वाले लोगों, विशेष रूप से युवाओं को उनकी आकांक्षाओं को पूरा करना है।
इससे पहले, सर्वदलीय बैठक में शामिल अधिकांश राजनीतिक दलों ने जम्मू-कश्मीर को पूर्ण राज्य का दर्जा बहाल करने और जल्द से जल्द विधानसभा का चुनाव संपन्न कराने की मांग उठाई। पिछले लगभग दो सालों में पहली बार जम्मू-कश्मीर के राजनीतिक नेतृत्व के साथ वार्ता का हाथ बढ़ाते हुए प्रधानमंत्री मोदी ने इस केंद्रशासित प्रदेश के भविष्य की रणनीति का खाका तैयार करने के लिए वहां के 14 नेताओं के साथ यह अहम बैठक की।
जम्मू कश्मीर से अनुच्छेद 370 के अधिकांश प्रावधान हटाए जाने और राज्य को दो केंद्रशासित प्रदेशों में विभाजित किए जाने के बाद यह पहली ऐसी बैठक है जिसकी अध्यक्षता खुद प्रधानमंत्री मोदी ने की।
गौरतलब है कि प्रधानमंत्री मोदी के साथ बैठक के दौरान नेशनल कांफ्रेंस के फारुख अब्दुल्ला, उमर अब्दुल्ला, कांग्रेस के गुलाम नबी आजाद, गुलाम अहमद मीर, ताराचंद, पीडीपी की महबूबा मुफ़्ती, बीजेपी के निर्मल सिंह, कविन्द्र गुप्ता और रविन्द्र रैना, पीपुल कांफ्रेंस के मुजफ्फर बेग और सज्जाद लोन, पैंथर्स पार्टी के भीम सिंह, सीपीआईएम के एमवाई तारीगामी, जेके अपनी पार्टी के अल्ताफ बुखारी शामिल थे।

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