कोरोना के दौर में ग्लोबल हैंडवाशिंग डे – 2020 की उपादेयता

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आज कोरोना संकट में साफ-सफाई के महत्व को समझा जाने लगा है और इसी प्रसंग में आवश्यक है 15 अक्तूबर के ग्लोबल हैंडवाशिंग डे को जीवन में उतारा जाए। ग्लोबल हैंडवाशिंग डे का उद्देश्य लोगों में हाथ धोने के प्रति जागरूकता फैलाना है।हर साल हाथ न धोने के कारण लोग किसी न किसी गंभीर बीमारी की चपेट में आ जाते हैं। हाथ धोना एक अच्छी आदत है और यह आदत कई बीमारियों का निवारण भी है। यूनिसेफ के मुताबिक, भारत में 5 वर्ष तक के बच्चों की ज्यादातर मौत, डायरिया जैसी बीमारी के कारण हो रही है, जिसका मुख्य कारण शौच करके हाथ साफ नहीं करना है।
ग्लोबल हैंडवाशिंग डे कार्यक्रम ग्लोबल हैंडवॉशिंग पार्टनरशिप (GHP) द्वारा साल 2008 में वर्ल्ड वॉटर वीक में सबसे पहले स्वीडन में आयोजित किया गया था। ग्लोबल हैंडवाशिंग डे का उद्देश्य लोगों में साबुन से हाथ धोने के लिए जागरूकता फैलाना है।
ग्लोबल हैंडवाशिंग डे के अंतर्गत हर साल कई कार्यक्रम आयोजित किए जाते हैं। साल 2014 में मध्य प्रदेश ने वृहद् स्तर पर हैंडवॉशिंग कार्यक्रम चलाया था। जिसकी वजह से यह गिनीज वर्ल्ड रिकॉर्ड में दर्ज किया गया था।

हर साल ग्लोबल हैंडवाशिंग डे की नई थीम होती है।इस साल ग्लोबल हैंडवाशिंग डे की थीम है- “सेव लाइव्स: क्लीन योर हैंड्स”(“SAVE LIVES: Clean Your Hands”) है। इसका मतलब है स्वच्छ हाथों से ही सेहत बनाई जा सकती है।दरअसल, इस साल अधिकतर देश कोविड-19 जैसी खतरनाक बीमारी का सामना कर रहे हैं और ऐसे में फ्रंटलाइन पर काम करने वाले हेल्थकेयर वर्कर्स और नर्सों को देखते हुए इस थीम का चुनाव किया गया है.

आपको बता दें कि हर साल इस दिन विश्व स्वास्थ्य संगठन (WHO) के नेतृत्व में एक वैश्विक प्रयास के रूप में अभियान किया जाता है. इस अभियान का उद्देश्य लोगों को स्वच्छता के प्रति जागरूक करना और स्वास्थ्य देखभाल को प्रोत्साहित करना होता है.

ग्लोबल हैंडवाशिंग डे अभियान का मुख्य लक्ष्य यह बताना है कि हाथ धोना सबसे प्रभावी कार्यों में से एक है. रोजाना नियमित रूप से सही तरीके से अपने हाथ धोने से आप बहुत सी बीमारियों को संक्रमित होने से रोक सकते हैं और इनमें कोविड-19 भी शामिल है. स्वास्थ्य कार्यकर्ता और समुदाय के सदस्य समान रूप से नियमित और बार-बार हैंडवॉशिंग के अभ्यास से संक्रमण को रोकने में अहम भूमिका निभा रहे हैं.
2020 के अभियान का लक्ष्‍य
– हाथ की स्वच्छता को वैश्विक प्राथमिकता बनाना.
– हाथ की स्वच्छता के लिए लोगों को प्रेरित करना.
– स्वच्छ देखभाल और संक्रमण को रोकने के लिए स्वास्थ्य कर्मियों को भी इसमें शामिल करना.
हाथ धोने का सही तरीका
– सबसे पहले हाथों पर साबुन लगाएं
– इसे हथेलियों और पीछे की तरफ अच्छे से रगड़ें
– अंगुलियों के बीच के हिस्से को ना भूलें और यहां भी अच्छे से साबुन से रगड़ें
– अंगूठा आमतौर पर छूट जाता है इसलिए ध्यान रखें कि इसे भी अच्छे से रगड़ना है
– अंगुलियों की टिप को भी साबुन से अच्छे से साफ करें
– अंत में अपनी कलाई को भी साबुन से अच्छे से साफ करें
– अब अपने हाथों को साफ पानी से धो लें और नेप्किन या सूखे कपड़े से हाथ पोंछ ले

हाथ की स्वच्छता के विभिन्न स्तर
– सामाजिक हाथ स्वच्छता- हाथ धोने की दिनचर्या । साबुन और गर्म पानी से हाथ धोने के सामाजिक (नियमित) हाथ का उद्देश्य गंदगी और कार्बनिक पदार्थों, मृत त्वचा और अधिकांश क्षणिक जीवाणुओं को दूर करना है।
– एंटीसेप्टिक हाथ स्वच्छता।
– सर्जिकल हैंड हाइजीन।

छींकने, खांसने या आंखों को रगड़ने से कीटाणु हाथों में फैल सकते हैं और फिर परिवार के अन्य सदस्यों या दोस्तों को हस्तांतरित किए जा सकते हैं। अपने हाथ धोने से इस तरह की बीमारियों को सामान्य सर्दी या आंखों के संक्रमण से बचाने में मदद मिल सकती है। अध्ययनों में, 15 सेकंड के लिए साबुन और पानी से हाथ धोना लगभग 90% बैक्टीरिया की कमी को कम करता है और 20 सेकंड में तो बैक्टीरिया की गिनती 99.9% के करीब कम हो जाती है ।

– राजेश हिरन
स्टेट पॉलिसी एडवोकेसी लीडर (हेल्थ )
वाग्धारा

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