उन्नाव रेप कांड पर आरोपी विधायक सेंसर की बर्खास्तगी की मांग पर बीजेपी बोली,वह पहले से है निलंबित

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नई दिल्ली। उन्नाव रेप कांड के आरोपी विधायक कुलदीप सिंह सेंगर को बीजेपी से निकाले जाने की कांग्रेस की मांग के बीच सत्ताधारी पार्टी ने मंगलवार को स्पष्ट किया है। कि सेंगर को बहुत पहले पार्टी से निकाला जा चुका है। उत्तर प्रदेश के बीजेपी अध्यक्ष स्वतंत्र देव सिंह ने कहा है कि सेंगर को लगभग दो साल पहले रेप का आरोप लगने के बाद ही निकाल दिया गया था।
उन्होंने स्पष्ट किया है,कि सेंगर को लेकर पार्टी का फैसला अब भी कायम है और सरकार पीड़ितों के साथ देगी।सेंगर को बीजेपी से निकालने की मांग को लेकर कांग्रेस विधानमण्डल दल के नेता अजय कुमार लल्लू के नेतृत्व में कार्यकर्ताओं ने मंगलवार को लखनऊ में धरना प्रदर्शन किया गया और बीजेपी कार्यालय के घेराव की कोशिश की।हालांकि, पुलिस ने उन्हें हिरासत में ले लिया।कांग्रेस महासचिव प्रियंका गांधी वाड्रा ने भी एक ट्वीट कर कहा ‘प्रधानमंत्री जी, भगवान के लिए इस अपराधी और उसके भाई को उस राजनीतिक ताकत से दूर करिए, जो आपकी पार्टी उसे दे रही है। उन्होंने कहा, मुकदमे में साफ कहा गया है कि पीड़ित परिवार को डराया धमकाया जा रहा था।यहां तक कि उसे सुनियोजित तरीके से दुर्घटना कराए जाने का भी अंदेश था।इस बीच बसपा अध्यक्ष मायावती ने ट्वीट कर कहा,कि स्थानीय बीजेपी सांसद साक्षी महाराज द्वारा जेल में बलात्कार के आरोपी बीजेपी विधायक से मिलना यह प्रमाणित करता है कि गैंगरेप आरोपियों को लगातार सत्ताधारी बीजेपी का संरक्षण मिल रहा है।जो इंसाफ का गला घोंटने की तरह है। उच्चतम न्यायालय को इसका संज्ञान जरूर लेना चाहिए।विधायक पर बलात्कार का आरोप लगाने वाली रायबरेली सड़क हादसे में घायल लड़की के परिजन मंगलवार को उसके चाचा की परोल पर रिहाई की मांग को लेकर लखनऊ ट्रॉमा सेंटर के बाहर धरना प्रदर्शन शुरू किए जाने पर भी मायावती ने टिप्पणी की।उन्होने बताया कि उन्नाव सामूहिक बलात्कार पीड़िता के परिवार के लोगों की संदिग्ध परिस्थिति में हत्या के बाद उनके अंतिम संस्कार के लिए चाचा को परोल पर रिहा नहीं होने देना अति-अमानवीय है, जो इस कांड में प्रदेश सरकार की मिलीभगत को साबित करता है। परोल की मांग को लेकर रिश्तेदार मेडिकल कॉलेज में धरने पर बैठे हैं।सरकार तुरंत ध्यान दे।इधर सपा अध्यक्ष अखिलेश यादव ने भी लखनऊ स्थित ट्रॉमा सेंटर पहुंचकर घायल लड़की का हाल जाना और उसके परिजन से मुलाकात की।उन्होंने कहा, आखिर परिवार का क्या गुनाह है सरकार को उसकी मांगें माननी चाहिए। क्या सरकार एक बेटी को न्याय नहीं दिला सकती है? अगर पीड़िता और उसके वकील की मौत हुई तो कौन जिम्मेदार होगा? इस घटना के लिए बीजेपी सरकार ही जिम्मेदार है।सपा पीड़ित परिवार के साथ है। गौरतलब है कि बीजेपी विधायक कुलदीप सिंह सेंगर पर करीब दो साल पहले बलात्कार का आरोप लगाने वाली लड़की उसकी चाची और मौसी अपने वकील के साथ रायबरेली जेल में बंद अपने रिश्तेदार महेश सिंह से रविवार को मुलाकात करने जा रही थी। रास्ते में रायबरेली के गुरबख्श गंज क्षेत्र में उनकी कार और एक ट्रक के बीच संदिग्ध परिस्थितियों में टक्कर हो गयी थी।
इस घटना में लड़की की मौसी ने स्थानीय अस्पताल में दम तोड़ दिया था। और वहीं, हादसे में घायल कार सवार उसकी चाची को लखनऊ स्थित ट्रामा सेंटर में चिकित्सकों ने मृत घोषित कर दिया था।इस घटना में घायल लड़की और उसके वकील की हालत बेहद नाजुक है और वे दोनों ट्रामा सेंटर में वेंटिलेटर पर हैं।इस मामले में बीजेपी विधायक कुलदीप सिंह सेंगर समेत 10 नामजद और 15-20 अज्ञात लोगों के खिलाफ सोमवार को हत्या का मुकदमा दर्ज किया गया। सरकार ने देर रात इस मामले की सीबीआई जांच की सिफारिश कर दी।पीड़िता ने वर्ष 2017 में उन्नाव से बीजेपी विधायक कुलदीप सिंह सेंगर पर बलात्कार का आरोप लगाया था। इस मामले में सेंगर को गिरफ्तार किया गया था। मामले की सीबीआई जांच की सिफारिश की गयी है।और इस समय सेंगर जेल में हैं।

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