आरएसएस स्वयं सेवक मुरादाबाद के विपिन चौधरी ने माउंट एवरेस्ट पर फहराया भगवा ध्वज

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पृथ्वी पर सबसे ऊँचा पर्वत शिखर है। माउंट एवरेस्ट जहाँ तक जाना हर किसी का सपना रहता है। इसी सपने को सच कर दिखाया है। उत्तर प्रदेश के मुरादाबाद शहर में रहने वाले पर्वतारोही विपिन चौधरी ने जो मुरादाबाद शहर में राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के महानगर सह कार्यवाह हैं। विपिन ने न केवल शिखर तक पहुंचे बल्कि वहां संघ का भगवा ध्वज भी फहराया।
दुनिया की सर्वोच्च पर्वत चोटी पर राष्ट्रिय स्वयंसेवक संघ का भगवा ध्वज फहराकर पर्वतारोही विपिन चौधरी ने एक नया इतिहास रच दिया है। बिपिन द्वारा हासिल की गई। इस ऐतिहासिक सफलता पर संघ एवं भारतीय हिन्दू संस्कृति के प्रसंशकों ने खूब सारी बधाइयां और शुभकामनाएं दी हैं।

आपको बता दें की राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के संस्थापक रहे। डॉ. केशवराव बलिराम हेडगेवार ने सन 1925 में जब राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ की नीव राखी तब उन्होंने ‘भगवा ध्वज’ को एक गुरु के रूप में माना था। संघ के साहित्यों के अनुसार इसके पीछे का मूल आशय यह था कि व्यक्ति पतित तो हो सकता है। उस व्यक्ति के विचार और पावन प्रतीक पतित नहीं हो सकते हैं। आज आरएसएस विश्व का सबसे बड़ा स्वयंसेवी संगठन है और इसके सभी स्वयंसेवी इसी भगवा ध्वज को गुरु रूप में स्वीकार कर इसे नमन करते हैं।
आरएसएस के पर्वतारोही विपिन चौधरी ने माउंट एवरेस्ट की चोटी पर न सिर्फ भगवा ध्वज फहराया बल्कि आरएसएस के स्वयंसेवक की तरह ध्वज को नमन भी किया।

आपको बता दें कि विपिन चौधरी उम्र 27 वर्ष है।और वे मुरादाबाद के बुद्धि-विहार इलाके में रहते हैं। वह वर्तमान में केजीके डिग्री कॉलेज में कानून विषय में अध्यनरत हैं। अपनी पढ़ाई के साथ साथ वे राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ में भी अपनी सहभागिता दर्ज कराते रहते हैं।
विपिन ने माउंट एवरेस्ट से पहले कई दूसरे पर्वत शिखरों पर भी सफलता से चढ़ाई कर चुके हैं। वर्तमान की माउंट एवरेस्ट की सफलता से पहले विपिन ने एल्ब्रुस और किलीमंजारों की शिखरों पर भी फतह हासिल की थी। दुनिया के ऊंचे पर्वत चोटियों पर चढ़ाई करना विपिन का शौक बन गया है।

विपिन ने अप्रैल महीने की दो तारीख को माउंट एवरेस्ट शिखर पर चढ़ाई करना प्रारम्भ किया था।और उनके साथ 12 सदस्यीय समूह भी था जिनमें उत्तर प्रदेश से वह अकेले सदस्य थे। विपिन ने शिखर पर पहुँचने में 22 मई की सुबह नौ बजे सफलता प्राप्त की। वहां पर उन्होंने भगवा ध्वज के साथ साथ भारत की आन बाण शान तिरंगा भी फहराया।

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