अगर आप इस खतरनाक बीमारी से बचना चाहते हैं, तो बढ़ती हुई उम्र के साथ कसरत की तीव्रता को बढ़ाए

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नई दिल्ली। मानव इतिहास (Human History) में ऐसा पहली बार हुआ है कि बुजुर्गों की संख्या युवाओं से अधिक हो गई है। दुनिया की बढ़ती उम्र के साथ उसकी चुनौतियां भी (Old Age Challenges) बढ़ रहीं हैं। खासकर स्वास्थ्य (Health issues in Old Age) से जु़ड़ी हुई। बुजुर्गों में एक सबसे गंभीर समस्या है डिमेंशिया की। इसे स्मृतिलोप या मतिभ्रम भी कहा जाता है। लेकिन आप इस बीमारी की चपेट में आने से खुद को बचा सकते हैं।
मैक्मास्टर यूनिवर्सिटी में फिजिकल एक्टिविटी सेंटर ऑफ एक्सलेंस की एसोसिएट डायरेक्टर जेनिफर हीज़ के मुताबिक आप हाई इंटेंसिटी कसरत करके डिमेंशिया को रोक सकते हैं। न्यूरोफिट लैब में एक शोधकर्ताओं की एक टीम ने इस पर अपना शोधपत्र दिया है। इसमें यह बताया गया कि किस तरह शारीरिक गतिविधि से आपके दिमाग में बदलाव होता है।
डेलीमेल में छपी एक रिपोर्ट के मुताबिक शोध में यह पाया गया कि आप जितनी तेज कसरत करते हैं उतनी ही तेजी से आपकी याददाश्त बनाए रखने में मदद मिलती है। प्रयोग शिथिल जीवनशैली जी रहे बुजुर्गों 12 हफ्तो के लिए आजमाया गया। इनमें से कुछ बुजुर्गों को सामान्य कसरत करवाई गई जबकि कुछ को हाई इंटेंसिटी वाली कसरत।
जिन बुजुर्गों ने हाइ इंटेंसिटी कसरत की थी। उनमें चीजो को याद रखने के क्षमता में वृद्धि दर्ज की गई। जबकि सामान्य कसरत करने वाले बुजुर्गों की याद रखने के क्षमता में कोई बदलाव नहीं पाया गया था।
शोधकर्ताओं ने बताया कि कसरत दिमाग के लिए उर्वरा की तरह काम करती है। बढ़ती हुई उम्र के साथ आप जितने ज्यादा सक्रिय रहते हैं आपका दिमाग भी उतना ही स्वस्थ रहता है। इसके लिए यह आवश्यक नही है कि आप केवल दिमागी कसरत ही करें।
वैज्ञानिकों ने बताया है कि कसरत जितनी ज्यादा तीव्रता भरी होगी उसका लाभ उतना ज्यादा होगा। उन्होंने साफ किया कि इस बात से फर्क नहीं पड़ता कि आप किस उम्र में कसरत करना शुरू करते हैं।आप जिस उम्र में हैं उसी से कसरत करना शुरू करें।कसरत करने के लिए कोई भी उम्र ज्यादा नहीं होती।

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